▪️आजम खान सपा को कह सकते हैं अलविदा, अफवाहों का बाज़ार गर्म,
▪️हमें बीजेपी का दुश्मन बना दिया: आजम खान के मिडिया प्रभारी
Rampur: अखिलेश यादव के खिलाफ बगावत की आवाज अब आजम खान के कार्यालय से उठी है. रामपुर में आजम के कार्यालय में हुई बैठक में उनके मीडिया प्रभारी फसाहत खान उर्फ शानू ने सपा अध्यक्ष पर जमकर हमला बोला. फसाहत ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अखिलेश नहीं चाहते कि आजम जेल से बाहर आएं, ये बात सही है.’ फसाहत बोले, “अखिलेश को हमारे कपड़ों से बदबू आती है और वो आजम के बारे में बात तक करना पसंद नहीं करते हैं.
दरअसल आजम खान के प्रति अखिलेश यादव की उदासीनता के बाद आज़म खान के समर्थकों में उबाल हैं आज़म खान के मीडिया प्रभारी फ़साहत अली खान शानू ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को हमारे कपड़ों से बदबू आती है। क्या सारा ठेका अब्दुल ने लिया है। अब्दुल ही दरी बिछाएगा, अब्दुल ही गोली खायेगा और अब्दुल ही जेल जायेगा। सीएए/एनआरसी में अब्दुल जेल जायेगा, अब्दुल पर मुकदमें किये जायेंगे और अब्दुल के घर की कुर्की की जायेगी। लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष जी आपके मुँह से एक शब्द भी नहीं निकलेगा। आपने हमें मौत के मुँह में धकेल दिया। आपने हमारी दुश्मनी भाजपा से करा दी। सज़ा हमें मिली और मज़े आप ले गए।
दरअसल यह दर्द काफी पुराना है अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी से आज़म खान की शिकायत कोई अभी शुरू नहीं हुई है, बल्कि ये दर्द और नाराज़गी पुरानी है. दरअसल, 2017 में यूपी में योगी सरकार की शुरुआत के बाद से आजम खान के लिए जब बुरे दौर का आगाज हुआ तो अखिलेश यादव काफी हद तक इस मामले पर चुप्पी साधे रहे. आज़म खान के करीबियों का मानना है कि जब आज़म की गिरफ्तारी हुई तो अखिलेश ने इसका उस तरह से विरोध नहीं किया, जितना करना करना चाहिए था.
वहीं टिकट बटवारे में भी आजम खान के करीबियों को नजरअंदाज वहीं जब विधान सभा चुनाव 2022 का मौका आया तो इस मैके पर आज़म खान खेमे में और ज्यादा नाराज़गी बढ़ गई, क्योंकि अखिलेश यादव ने सिर्फ आज़म खान और उसके बेटे अब्दुल्ला आज़म को टिकट दिया, जबकि अखिलेश ने समर्थकों को पुरी तरह नजरअंदाज कर दिया.
Zee slam की रिपोर्ट के अनुसार आज़म खान नेता प्रतिपक्ष बनना चाहते थे, इसके अलावा आज़म खान के समर्थक ये भी चाहते थे कि संसदीय सीट से इस्तीफा देकर रामपुर सीट से विधायक बने आजम खान को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाए, लेकिन अखिलेश यादव खुद नेता प्रतिपक्ष बन गए. इसलिए अब जेल में बंद आज़म खान के करीबी खुल कर अखिलेश की मुखालिफत में सामने आ गए हैं. आज़म खान के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खान शानू ने कहा कि आजम खां ने अखिलेश यादव और उनके पिता का समाजवादी पार्टी के बनने और मुख्यमंत्री बनने तक हर कदम पर साथ दिया, लेकिन जब अखिलेश यादव को साथ देने की बारी आई तो बह पीछे हट गए.
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