खबर उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर से है जहां उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेसवे को मुजफ्फरनगर के बजाय बिजनौर से गुजारने की मांग तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल, जाट महासभा और व्यापारी एकता परिषद समेत कई संगठनों ने जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
उनका कहना है कि बिजनौर ऐतिहासिक और भौगोलिक रूप से महत्वपूर्ण जिला है ये गंगा का प्रवेश द्वारा जहां से गंगा नदी 115 किलोमीटर तक बहती है। अगर एक्सप्रेसवे को यहां से नहीं निकाला गया तो गंगा एक्सप्रेस वे का क्या मतलब रहेगा।
गंगा के साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे बना चाहिए नहीं तो जिला बिजनौर विकास की दौड़ में पीछे रह जाएगा। दरअसल उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेसवे को मुजफ्फरनगर ले जाने को लेकर बिजनौर जनपद के लोगों ने आवाज बुलंद कर दी है।
समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल, जाट महासभा और व्यापारी एकता परिषद के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांग रखी। उनका कहना है कि गंगा नदी उत्तर प्रदेश में सबसे पहले बिजनौर में प्रवेश करती है और जिले से 115 किलोमीटर तक बहती है।
बिजनौर जनपद में ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह महात्मा विदुर और महाराजा भरत की जन्मस्थली है। संगठनों का कहना है कि अगर गंगा एक्सप्रेसवे बिजनौर से नहीं निकाला गया, तो जिले का विकास प्रभावित होगा।
फिलहाल, सरकार ने इस एक्सप्रेसवे को मुजफ्फरनगर से निकालने की योजना बनाई है, लेकिन बिजनौर के लोग इसे अपने जिले से जोड़ने की मांग कर रहे हैं।
बिजनौर एक्सप्रेस के साथ ब्यूरो चीफ आफताब आलम
©Bijnor Express
नजीबाबाद। ब्लॉक नजीबाबाद के ग्राम हर्षवाड़ा में बन रही सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने…
हिन्द युवा महाशक्ति सेना और भारतीय महिला महाशक्ति स्वराज टीमों की सामूहिक बैठक में महिलाओं…
बिजनौर में जिलाधिकारी जसजीत कौर ने "सड़क सुरक्षा माह" का शुभारंभ किया। यह माह 01…
मीटिंग में पहुंचे जिला महासचिव शाहनवाज सैफी का संगठन के पदाधिकारियों ने फूल मालाओं से…
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन- एसआईएच- 2025 की सॉफ्टवेयर श्रेणी में तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी की टीम- सोलर…
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, क्षेत्रीय कार्यालय, बिजनौर ने आज दिनांक 13 दिसम्बर 2025 को जजी…