🔹OBC पिछड़ी जाति संवर्ग में मंडावर थाना क्षेत्र के ग्राम किशनबांस स गांव के अली अदनान पुत्र हामिद ने UPPSC परीक्षा उत्तीर्ण की,
Bijnor: आप को बता दें कि उनका यह uppsc 2019 में पहला प्रयास था और पहले ही प्रयास में डिप्टी जेलर पर नियुक हुए है, आगे uppsc 2020 का mains exam दिया हुआ है जिसका रिजल्ट फरवरी के अंतिम सप्ताह में आने वाला है
अदनान अहमद वर्तमान में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रेसिडेंशियल कोचिंग अकादमी (आईएएस कोचिंग सेंटर) में रह रहे है, और IAS की पढ़ाई कर रहे हैं,
मण्डावर निवासी अली अदनान s/o हमीद अहमद
गाँव= किशनबास, ने हाइस्कूल= संत पॉल्स हाई स्कूल से किया 2011 में इंटरमीडिएट=आदर्श विद्या निकेतन इंटर कॉलेज शहबाजपुर से 2013 में
ग्रेजुएशन = किरोड़ी मल कॉलेज(दिल्ली विश्वविद्यालय) से किया है,
🔹वहीं एक और बिजनौर निवासी ज्योति त्यागी ने यूपीपीसीएस की परीक्षा पास कर जिले का गौरव बढ़ाया है,
बिजनौर जिले के स्योहारा के पास स्थित ग्राम बगवाड़ा की ज्योति त्यागी ने यूपीपीसीएस की परीक्षा पास कर अस्सिटेंट कमिश्नर के पद पर चयन पाया है।
ग्राम महमूदपुर में जन्मी ज्योति ने गांव के ही सरकारी स्कूल से अपनी 10वी तक कि पढ़ाई करने बाद, 12 की पढ़ाई स्योहारा के बिड़ला कॉलेज से की, ओर BA की धामपुर के एसबीडी कॉलेज से करने के बाद MBA की पढ़ाई कुरुक्षेत्र युनिवर्सटी से की।
ज्योति की शादी पास के है गांव बगवाड़ा के अंकित शर्मा से हुई जो एयरफोर्स में कार्यरत है।
सफलता पर क्या कहती है ज्योति त्यागी
ज्योति का कहना है कि शादी के बाद मेरे पति ने मुझे UPPCS की परीक्षा के लिए प्रोत्साहित किया। शुरू में मुझे यह भी नहीं पता था कि यह परीक्षा क्या होती है, किस लिए होती है,और इसका पैटर्न क्या है। लेकिन मेरे सास ससुर और पति के भरपूर सहयोग और आशीर्वाद के साथ मैंने इस परीक्षा को पास किया।
उन्होंने ये भी बताया कि इसके लिए उन्होंने किसी भी कोचिंग सस्थन से कोचिंग नहीं की, स्वम तैयारी की और सफलता हासिल की।
पति अंकित शर्मा जो की एयर फोर्स में है, का कहना है कि ज्योति की मेहनत ही उसे इस मुकाम पर लेकर गई है। ज्योति ने पहले भी 2017 ओर 2018 में भी परीक्षा पास कर थी लेकिन इंटरव्यू तक पहुंचने के बाद भी चयन नहीं हो पाया था फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार तैयारी करती रही और 2019 की परीक्षा जिसका रिज़ल्ट कल आया है में चयन पाया।
ज्योति के पिता सुरेंद्र सिंह त्यागी का कहना है कि ज्योति शुरू से ही पढ़ने में होशियार थी लेकिन उस समय की परिस्थिति में उसे पढ़ने के लिए इंगलिश मीडियम स्कूल उपलब्ध नहीं था फिर भी उन्होंने इस मुकाम पर पहुचकर यह साबित कर दिया है कि दिल में कुछ करने का जज्बा हो तो परिस्थितियां कुछ भी हो सफलता मिलती ही है
(बिजनौर एक्सप्रेस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट)
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