
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने यूपी ग्रामीण बैंक की सहसपुर शाखा के ब्रांच मैनेजर और फील्ड ऑफिसर सहित तीन लोगों को 45,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत ऋण स्वीकृत करने के लिए मांगी गई थी।

सीबीआई ने यह मामला 31 जनवरी 2026 को दर्ज किया था। शिकायतकर्ता की पत्नी ने यूपी ग्रामीण बैंक की सहसपुर शाखा में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत 5 लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि बैंक के फील्ड ऑफिसर विकास कुमार ने इस ऋण को स्वीकृत करने के बदले पहले 40,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 45,000 रुपये कर दिया गया।

जांच में सामने आया कि फील्ड ऑफिसर विकास कुमार ने यह अवैध मांग शाखा प्रबंधक कपिल कुमार के साथ मिलकर की थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने एक जाल बिछाया। और प्रवेन्द्र तोमर के नेतृत्व में टीम ने ट्रैप के दौरान ब्रांच मैनेजर कपिल कुमार, फील्ड ऑफिसर विकास कुमार और एक निजी व्यक्ति मोहम्मद नोमान को 45,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में यूपी ग्रामीण बैंक, सहसपुर के ब्रांच मैनेजर कपिल कुमार, फील्ड ऑफिसर विकास कुमार और कैजुअल वर्कर मोहम्मद नोमान शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।




