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बिजनौर की जमीन पर मृत अवस्था में मिला दुर्लभ कस्तूरी बिलाव, इसके मल से बनती है लाख रुपये किलो वाली कॉफी

▪️बिजनौर मे मिला मृत दुर्लभ कस्तूरी बिलाव, रेहड़ में सड़क किनारे खेत में पड़ा मिला दुर्लभ कस्तूरी बिलाव का शव।

बिजनौर के थाना क्षेत्र रेहड़ में राष्ट्रीय राजमार्ग 74 के किनारे एक खेत में दुर्लभ सीवेट कैट का शव मिला शव को देखकर वहां काम कर लोग घबरा गयें और मामले की सूचना वन विभाग को दी

मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में लेकर चली गयी। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व रेंज के रेहड़ बीट के अन्तर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 74 के नजदीक सरसों के खेत में एक मृत वन्यजीव के शावक को देखकर वहां काम कर लोग घबरा गयें।

संबंधित रेंज स्टाफ को सूचित करने पर मौके पर पहुंचे बीट इंचार्ज उपराजिक श्यामलाल यादव ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होने बताया कि खेत से मिला शावक का शव सीवेट का है। जो अक्सर खेतों व आबादी के आसपास पायी जाते हैं।

सीवेट के शरीर पर एक घाव का निशान मिला हैं जिससे प्रतीत हो रहा हैं रक्तस्राव होने के इसकी मौत हुई हैं। रेंजर प्रदीप कुमार शर्मा का कहना हैं कि सीवेट का पोस्टमार्टम कराने के लिये भेज दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो पायेगा।

आप को बता दे कि इसके मल से दुनिया की सबसे महंगी कॉफी बनती है। इसके मल से बनाई जाने वाली एक पौंड यानी कि 453 ग्राम कॉफी की कीमत 40 से 50 हजार रुपये तक होती है यानी प्रति किलो करीब एक लाख रुपये होती है सिवेट कैट को कस्तूरी बिलाव भी कहा जाता है।

वजह है उससे निकलने वाली कस्तूरी जैसी महक। इसके शरीर में एक ग्रंथि होती है जिससे गाढ़ा, सुगंधित, पीला पदार्थ निकलता है, जिससे कस्तूरी जैसी महक आती है। इससे बनाया जाने वाला इत्र काफी महंगा होता है।

रेहड़ में सड़क किनारे खेत में पड़ा मिला दुर्लभ कस्तूरी बिलाव का शव।

बिजनौर एक्सप्रेस के साथ संवाददाता संगम चौहान अफजलगढ़

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